कोरोनावायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए 21 दिनों के देशव्यवापी लॉकडाउन में सभी सक्षम लोग मदद को आगे आ रहे हैं। इसमें एक 11 साल लड़की ने भी सोमवार को अपनी जमा पूंजी जरूरतमंदों की मदद के लिए पुलिसकर्मियों को सौंप दी है। ताकि बंद के दौरान लोगों को खाना और आवश्यक वस्तुओं को उपलब्ध कराया जा सके।
उत्तराखंड के ऋषिकेश की रहने वाली आलिया चावला ने कोतवाली पुलिस स्टेशन जाकर पुलिकर्मियों कोअपना पिग्गी बैंक(गुल्लक) दे दिया। गुल्लक देते हुए 5वीं कक्षा की छात्रा आलिया ने कहा, ‘‘अंकल, मुझे पता नहीं इसके अंदर कितने रुपए हैं, लेकिन आप इसे तोड़ दीजिए। इसमें मौजूद रुपए को निकालकर भूखे लोगों और पशुओं के लिए खाने-पीने का इंतजाम कीजिए।’’ लड़की का हौसला देखकर सभी पुलिसकर्मी हैरान थे। सभी एक जगह जमा हुए। फिर गुल्लक तोड़ी गई। इसमें कुल 10 हजार 141 रुपए थे।
कोई भूखा न सोए इसकी योजना शुरू की है
देहरादून एसएसपी और पुलिस प्रवक्ता धर्मेंद्र बिष्ट ने सोमवार को बताया, “जिले में कोरोनावायरस महामारी के दौरान ‘कोई भूखा न रहे, कोई भूखा न सोए’ योजना चलाई है। यह बात स्थानीय मीडिया के माध्यम से घर-घर में पहुंची है। जानकारी मिलने के बाद ऋषिकेश के मनीराम रोड निवासी अशोक चावला और उनकी बेटी ने अपनी जमा राशि लोगों की सहायता के लिए देने का फैसला किया था।”
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From Dainik Bhaskar
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