(मनीषा भल्ला)मुंबई में आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक,अब तक कोरोनावायरस के करीब 590पॉजिटिव केस मिले हैं। यह देश के किसी शहर में संक्रमित लोगों की सर्वाधिक संख्या है।बृहंमुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) के मुताबिक 590 में से 282 पॉजिटिव डी, ई, जी साउथ और के-वेस्ट वॉर्ड मेंमिले हैं। यानी संक्रमण के 59% केस शहर के 24 प्रशासनिक वार्ड में से सिर्फ 4 में हैं। इनमें 133 केस तो जी साउथ वार्ड में ही हैं। इस वायरस से मुंबई में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है।
कम्युनिटी ट्रांसमिशन के मामले बढ़े
मुंबई में सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि बीमारी केकम्युनिटी ट्रांसमिशन के मामले बढ़ रहे हैं। यानी संक्रमित व्यक्ति नकिसी मरीज के संपर्क में आया और न ही उसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री है। ऐसे 11 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है। हालांकि, बीएमसी के कमिश्नर प्रवीण परदेसी बेशक कहतेहैं कि मुंबई में संक्रमित केस बढ़ने की वजह टेस्टिंग है। उनका कहना है किदिल्ली में 10 लाख में से 96 की टेस्टिंग हो रही है, जबकि मुंबई में 816 की। लेकिन, यह भी सच है कि मुंबई में मेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। मुंबई में 40 से ज्यादा नर्स संक्रमित हो चुकी हैं। अकेले मध्य मुंबई के वॉकहार्ट हॉस्पिटल में ही 25 से ज्यादा डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी संक्रमित हैं। पूरा अस्पताल क्वारैंटाइन सेंटर में तब्दील हो गया है। यहां से न किसी को बाहर जाने की इजाजत हैऔर न ही किसी को अंदर आने की अनुमति है।
अस्पताल स्टाफ ने क्वारैंटाइनमें जाने की मांग की
बांद्रा के भाभा अस्पताल में नर्स की मौत के बाद बुधवार को कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। अस्पताल स्टाफ ने क्वारैंटाइनमें जाने की मांग की। कर्मचारियों का आरोप है कि अस्पताल में उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए रहे हैं।ज्यादातर डॉक्टरों और नर्सों को मुंह खोलने पर अपना रजिस्ट्रेशन रद्द होने का डर है। इसलिए, इनमें से बहुत सारेलोग जन स्वास्थ्य अभियान मुंबई के जरिए अपनी बात रख रहे हैं। अभियान की मुंबई कन्वीनर कामायनी बाली महाबल ने बताया कि मुंबई में तीन संक्रमितमें से एक की ही ट्रैवल हिस्ट्री मौजूद है। अब ज्यादातरसंक्रमण कॉन्टेक्ट से हो रहा है, जो चिंताजनक है। साथ ही, फ्रंट लाइन पर काम करने वाली नर्सें और डॉक्टर इसकी चपेट में आ रहे हैं।
सार्वजनिक जगहों पर सभी लोग मास्क पहनकर निकलें
बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने सार्वजनिक जगहों पर सभी लोगों को मास्क पहनकर निकलने का आदेश जारी किया है। सड़कों, अस्पताल, ऑफिस, मार्केट जैसी जगहों से लेकरगाड़ी चलाते वक्तभी सभी को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। ये दुकान पर मिलने वाले मास्क या घर पर बनाए गए मास्क हो सकते हैं। मास्क नहीं पहनने वालों के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार यहां लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने पर विचार कर रही है।
किट और मॉस्क न लगाएं, इससे मरीज डर जाएंगे
मुंबई में जनस्वास्थ्य अभियान की कन्वीनर कामायनी बाली महाबल बताती हैं कि चिंता की बात यह है कि मेडिकल स्टाफ संक्रमित हो रहा है। जसलोक और वॉकहार्ट अस्पताल सील कर दिए गए हैं। अस्पताल में पूरी तरह से लापरवाई बरती गई। फ्रंटलाइन नर्सों के पास सेफ्टी किट (पीपीई) नहीं थी। वॉकहार्ट अस्पताल की एक नर्स के परिवार का उनके पास संदेश आया। इसमें ने लिखा कि वॉकहॉर्ट में दो संक्रमित केस थे, जिनका जनरल वॉर्ड में ही इलाज चल रहा था। इसी वॉर्ड में 70 साल के अन्य बुजुर्ग की कोरोना से मौत हो गई। 28 मार्च को यहां की दो नर्सों में कोरोनावायरस के लक्षण दिखाई देने लगे। परिवार का आरोप है कि नर्सों को बोला गया कि वह किट और मास्क का प्रयोग न करें इससे मरीजों के बीच डर बैठ जाएगा।
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From Dainik Bhaskar
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