नीलगंगा थाना प्रभारी यशवंत पाल मंगलवार सुबह 5.10 बजे शहीद हो गए। दोपहर में इंदौर के रामबाग मुक्तिधाम पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कियागया। उनकी पत्नी और दोनों बेटियां वहां मौजूद थीं। एक बेटी उनकी तस्वीर से लिपटकर रोती रही।डॉक्टर ने सुमित ठक्कर को बताया किटीआई यशवंत पाल के डॉक्टर नीरज सेन ने परिवार से सोमवार रात 9:12 बजे वीडियो कॉल पर यह बातचीत करवाई।
बाद में टीआई की पत्नी ने डॉक्टर को मैसेज किया, ‘थैंक्यू सो मच डाॅक्टर... आप उनका ध्यान रखिएगा सर.. प्लीज सर... आप लोग ही... हमारी होप हैं... थैंक्स।वीडियो कॉल पर बेटी ने यशवंत पाल से बात की कीथीतब उन्होंने कहा थी हाथ के इशारे से कहा था 'बढ़िया हूं'। पत्नी और बेटी से शहीद टीआई के आखिरी बातचीत के कुछ अंश...
बेटी- पापा कैसे हैं आप?
टीआई हाथ के इशारे से- बढ़िया
बेटी-पापा आप तो स्ट्रांग हैं.. .आप हमारा कॉन्फिडेंस बढ़ाते हैं... आप जरूर करोना को हरा दोगे।
टीआई हाथ का इशारा करते हुए उन्हें हिम्मत रखने को कहते हैं
बेटी-पापा आप जल्दी घर आओगे ना...?
पत्नी- देखो हम सब आपका इंतजार कर रहे हैं... जल्दी घर आना ही पड़ेगा।
इसके बाद टीआई यशवंत दोनों को अपने पास आने का इशारा करते रहे।
कोरोना की लड़ाई मेंइंदौर के टीआई भी हुए थे शहीद
इंदौर में शनिवार को 45 वर्षीय थाना प्रभारी देवेंद्र चंद्रवंशी भी कोरोना से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। कोरोनावायरस के चलते उनके परिजन भी अंतिम दर्शन नहीं कर पाए थे। चंद्रवंशी जूनी इंदौर थाने के प्रभारी थे। लॉकडाउन के ड्यूटी के दौरान वे संक्रमित हो गए थे।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
https://ift.tt/34YVFEj
From Dainik Bhaskar
0 Comments
Please do not enter any Spam Link in the comment box.