कोरोनावायरस के चलते पूरी दुनिया परेशान है, लेकिन इसकी वजह से भारत में अल्फांसो और केसर जैसे महंगे आमों का स्वाद ज्यादा लोग ले सकेंगे। वजह है इनकी कीमत में 30%तक की गिरावट होना। यह गिरावट निर्यात में कमी आने के चलते हुई है। हालांकि, मौसम की मार झेल चुके एक अन्य प्रमुख आम दशहरी के लिए शायद आपको इस साल जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ जाए।
जो अल्फांसो मुंबई और पुणे जैसे शहरों में 700 रुपए प्रति दर्जन तक बिकता था, वह अब 400 से 500 रुपए में बिक रहा है। गुजरात के आम कारोबारियों के मुताबिक, केसर आम का मौसम अब शुरू हुआ है और धीरे-धीरे ये बाजार में आना शुरू हो रहे हैं। यहां मौसम की वजह से उत्पादन में कमी आने का अनुमान है।
लेकिन, निर्यात की खराब हालत देखते हुए इनकी कीमतों में भी इस साल पिछले साल की तुलना में 20 से 30% फीसदी तक की कमी आना तय माना जा रहा है।
दशहरी 25 से 30% महंगा रहने के आसार
उत्तर प्रदेश के आम कारोबारी डीके शर्मा के मुताबिक, पिछले महीने आंधी और ओलावृष्टि से लखनऊ समेत कई जिलों में दशहरी आम 70%तक खराब हो गए हैं। आपूर्ति कम होने व ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ने की वजह से इसकी कीमतों में पिछले साल की तुलना में 25 से 30%इजाफा होने की उम्मीद है।
इस बार 75%तक गिरा आम का निर्यात
भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक और निर्यातक है। दुनियाभर में 40%आमों का निर्यात भारत करता है। एपीडा के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल भारत ने 385 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य वाले 48468 टन आमों का निर्यात किया। निर्यातकों की मानें तो इस साल 12 हजार टन का निर्यात भी मुश्किल लग रहा है। भारतीय आम के तीन सबसे बड़े बाजार खाड़ी देश, यूरोप और अमेरिका हैं।
पैकिंग और ग्रेडिंग के लिए नहीं मिल रहे मजदूर
कोरोनावायरस महामारी की वजह से इस साल निर्यात मुश्किल हो रहा है। थोड़ा बहुत जो कारोबार हो रहा है, उसमें भी परेशानी आ रही है, क्योंकि पैकिंग और ग्रेडिंग के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं।
-बटुकभाई, आशापुरा फार्म, कच्छ



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From Dainik Bhaskar
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