संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा है कि कोविड-19 की अभी तक कोई वैक्सीन नहीं है। यह समझने की जरूरत है कि हमें इसे मिलकर बनाना होगा। उन्होंने कहा कि वैक्सीन का बन जाना ही पर्याप्त नहीं है। इसे हर व्यक्ति और हर जगह पहुंचाने के लिए वैश्विक एकजुटता दिखानी होगी।
यूएन ने पहले भी एकजुटता की अपील की थी
गुटेरेस ने पिछले महीने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि कोरोना महामारी से उपजे संकट के कारण दुनियाभर में महामंदी आने वाली है। दुनिया में भुखमरी और अकाल जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। ऐसे में एक ही उपाय बचता है कि सभी देश मिलकर इस समस्या का समाधान तलाशें।
भारत ने कहा- हम दुनियाभर में मदद पहुंचा रहे
यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस त्रिमूर्ति ने भीकोरोना महामारी के दौरान आपसी साझेदारी की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि इस संकट के दौर में भारत दुनियाभर के तमाम देशों में हरसंभव मदद पहुंचाने की कोशिशों में जुटा है। भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम (आईटीईसी) के तहत जरूरी दवाओं, टेस्ट किट और पीपीई किट दूसरे देशों को पहुंचा रहे हैं। रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात की जा रही है और जानकारियां साझा करने के लिए प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है।
8 अलग-अलग वैक्सीन पर काम चल रहा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पिछले महीने कहा थाकि कोरोनो के लिए 8 वैक्सीन पर काम चल रहा है।संगठन केप्रमुखडॉ. टेड्रॉस गेब्रयेसस ने बताया कि दो महीने पहले तक ऐसा सोचा जा रहा था वैक्सीन बनाने में 1 साल से 18 महीने लगेंगे। हालांकि, अब इस काम में तेजी लाईजा रही है। एकहफ्ते पहले दुनिया के 40 देशों के नेताओं ने इसके लिए 8 अरब डॉलर (करीब 48 हजार करोड़ रु.) की मदद की है, लेकिन यह आर्थिक मददइस काम के लिए कम पड़ेगी। (पूरी खबर यहां पढ़ें)
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From Dainik Bhaskar
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