अगले आने वाले साल महिलाओं के लिए बेहतर होने वाले हैं। नेशनल कमीशन ऑन पॉपुलेशन की हाल ही में आई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में महिलाओं की सेक्स रेशियो में अच्छी खासी बढ़ोतरी का अनुमान है। यानी आने वाले समय में पुरुष और महिला के बीच का अनुपात घट जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2036 में फीमेल सेक्स रेशियो 957 (1000 पुरुष पर) रहने का अनुमान है जो 2011 में 943 था। केरल, कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र को छोड़कर बाकी के राज्यों में 2011 की आबादी के मुकाबले महिलाओं के सेक्स रेशियो में बढ़ोतरी होगी। सबसे कम दिल्ली में 899, गुजरात में 900 और हरियाणा में 908 रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट में इंफेंट मोर्टेलिटी रेट (आईएमआर) में भी सुधार की बात कही गई है। 2031 से 2035 के बीच इंफेंट मोर्टेलिटी रेट 30 रहने का अनुमान है जो 2011 में 46 था। राजस्थान, असम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में आईएमआर 30 से 40 के बीच रहने का अनुमान है। केरल में सबसे कम 9 रहने का अनुमान है।
पॉपुलेशन में 25 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान
वहीं, 16 साल बाद यानी 2036 तक भारत की आबादी 152 करोड़ होने का अनुमान है। नेशनल कमीशन ऑन पॉपुलेशन की हाल ही में आई रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 से 2036 तक 25 फीसदी आबादी बढ़ने का अनुमान है। यानी इन 25 सालों में हर साल एक फीसदी की दर से भारत की आबादी बढ़ेगी। 2011 में भारत की आबादी 121 करोड़ थी।

आजादी के बाद पहली बार ऐसा होगा जब पॉपुलेशन ग्रोथ रेट में भारी गिरावट होगी। 2011 से 2021 के बीच 12.5% और 2021 से 2036 के बीच 8.4% ग्रोथ रेट रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2031 तक भारत आबादी के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा।
2036 तक दिल्ली की 100 फीसदी आबादी शहरी होगी
आजादी के समय ग्रामीण आबादी बढ़ रही थी। लेकिन, उसके बाद ग्रोथ रेट लगातार घट रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 में ग्रामीण आबादी 69% थी जो 2036 में घटकर 61% हो जाएगी। इसके उलट शहरी आबादी तेजी से बढ़ रही है। 2011 में शहरी आबादी 31% थी जो 2036 में बढ़कर 39% होने का अनुमान है।

2011 में दिल्ली की 98% आबादी शहरी थी, जो 2036 में 100% होने का अनुमान है। वहीं महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में शहरी आबादी 50% से ज्यादा होगी। केरल ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा रूरल से अर्बन पॉपुलेशन शिफ्टिंग देखने को मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2036 तक केरल की 92% आबादी अर्बन होगी, जो 2011-15 में 52 फीसदी थी।
साउथ पर नॉर्थ इंडिया भारी
साउथ इंडिया के मुकाबले नॉर्थ इंडिया की पॉपुलेशन ग्रोथ रेट ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। अकेले यूपी की ग्रोथ रेट 30% रहने का अनुमान है। 2011 में यूपी की आबादी 19.9 करोड़ थी, जो 2036 में बढ़कर 25.8 करोड़ हो सकती है।
बिहार की आबादी 2011 में 10.4 करोड़ थी, जो 2036 में 42% ग्रोथ के साथ 14.8 करोड़ रहने का अनुमान है। अगले 4 साल में बिहार, महाराष्ट्र को पीछे छोड़कर यूपी के बाद देश का दूसरा सबसे आबादी वाला राज्य बन जाएगा।

यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश इन पांच राज्यों की आबादी में कुल 54% की ग्रोथ होने की बात रिपोर्ट में कही गई है। जबकि, साउथ इंडिया के केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु की कुल ग्रोथ रेट सिर्फ 9% रहने का अनुमान है। इन पांच राज्यों की कुल आबादी वृद्धि 2.9 करोड़ है जो अकेले यूपी की तुलना में आधी है।
लाइफ एक्सपेक्टेंसी में केरल टॉप पर
लाइफ एक्सपेक्टेंसी की बात करें तो केरल टॉप पर है, जहां 2036 तक पुरुषों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी 74 साल और महिलाओं की 80 साल होने का अनुमान है। देश की बात करें तो पुरुषों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी 71 साल और महिलाओं की 74 साल रहने का अनुमान है। 2036 तक तमिलनाडु भारत का सबसे बुजुर्ग राज्य होगा, जबकि बिहार सबसे युवा राज्य होगा, अभी भी है। बिहार की मीडियन एज 28 साल और तमिलनाडु की 40 रहने का अनुमान है।

क्या होता है मीडियन एज
मीडियन एज मतलब किसी आबादी को दो बराबर भागों में बांटना। एक हिस्सा युवा उम्र का और दूसरा ओल्ड एज के लिए। अगर बिहार की 2036 में मीडियन एज 28 साल रहने वाली है तो इसका मतलब है कि बिहार की आधी आबादी की औसत उम्र 28 साल या उससे कम रहने वाली है।
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From Dainik Bhaskar
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