अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी ने भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस (55) को उपराष्ट्रपति पद का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इसके साथ ही हैरिस अमेरिका में उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने वाली पहली अश्वेत और दक्षिण एशियाई मूल की महिला बन गई हैं।
उम्मीदवारी स्वीकार करने के बाद हैरिस ने पार्टी के डिजिटल कन्वेंशन में कहा, ‘मैं भारत और जमैका से अमेरिका आए लोगों की बेटी हूं। मेरी मां 19 वर्ष की उम्र में कैंसर का इलाज खोजने का सपना लेकर भारत से अमेरिका आई थीं। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में उनकी मुलाकात मेरे पिता से हुई जो अर्थशास्त्र की पढ़ाई करने जमैका से आए थे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने चार साल के शासन में देश को बांटने में जुटे रहे। ट्रम्प हमारे ऊपर आई आपदाओं को राजनीतिक हथियार में बदलते रहे। आज हम अहम मोड़ पर हैं। पूरे देश में नस्लभेद के खिलाफ आक्रोश है। यह कोरोना काल है, लेकिन नस्लभेद की कोई वैक्सीन नहीं है। हमें इसे खुद दूर करना होगा। हम सभी श्वेत, अश्वेत, लैटिनी, एशियाई, स्वदेशी लोगों को साथ लाएंगे।’
ट्रम्प के शहर से हैरिस का भाषण
कमला हैरिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के होम टाउन विलमिंगटन के होटल से भाषण दिया। इस दौरान मंच पर उनके साथ उनके पति डगलस इमहोफ और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन भी मौजूद थे।
वार
लोकतंत्र दांव पर, राष्ट्रपति बनने लायक नहीं ट्रम्प: ओबामा
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डेमोक्रेटिक पार्टी के डिजिटल कन्वेंशन में फिलाडेल्फिया से भाषण दिया। ओबामा ने कहा कि देश का लोकतंत्र दांव पर है। ट्रम्प राष्ट्रपति पद के लिए स्पष्ट रूप से अयोग्य हैं। अगर वे दोबारा जीत गए, तो लोकतंत्र आंसू बहाने पर मजबूर हो जाएगा। ट्रम्प प्रशासन की निष्क्रियता के कारण देश में कोरोना से 1.70 लाख लोग मारे गए। लाखों लोगों का रोजगार चला गया। पूरी दुनिया में अमेरिका की छवि खराब होती जा रही है।
पलटवार
ओबामा ने अच्छा काम नहीं किया, इसलिए राजनीति में आया: ट्रम्प
ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में मीडिया से कहा, ‘पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अच्छे काम नहीं किए, इसलिए मैं राजनीति में आया। उपराष्ट्रपति के तौर पर ओबामा के शासन काल में बिडेन भी विफल रहे। इसलिए मेरा राष्ट्रपति चुनाव लड़ना बेहद जरूरी है।’ इससे पहले ओबामा की पत्नी मिशेल ने ट्रम्प को राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य बताया था। इस पर ट्रम्प ने दावा किया कि मिशेल का भाषण लाइव नहीं था। इसे बहुत पहले रिकॉर्ड किया गया था।
हैरिस की ताकत: युवा, एशियाई, अफ्रीकी मूल के लोगों का समर्थन, पुलिस जैसी सख्त प्रशासक की छवि भी बनी
- युवा डेमोक्रेट: यू-गव के मुताबिक 18-29 साल के 26% युवा रिपब्लिकन, 56% डेमोक्रेट के साथ हैं। हैरिस 55 साल और बिडेन 77 साल के हैं। ऐसे में हैरिस के लिए संभावना ज्यादा है।
- क्षेत्रीय समीकरण: हैरिस अमेरिका में उपराष्ट्रपति पद की पहली अश्वेत- एशियाई महिला प्रत्याशी हैं। यूएस-भारतीय समूह इम्पैक्ट के मुताबिक इस बार करीब 13 लाख भारतवंशी वोट डालेंगे।
- रंगभेद विरोधी मुहिम: अश्वेत जॉर्ज फ्लायड की मौत के बाद हैरिस कानून व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रही हैं। इसके बाद बिडेन ने मिशिगन की गवर्नर ग्रेचन व्हिटमर की जगह हैरिस को चुना
- सख्त प्रशासक: चुनाव प्रचार के दौरान नारे लगे- ‘हैरिस इज अ कॉप।’ कारण यह था कि सैन फ्रांसिस्को और कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल के तौर पर हैरिस आरोपियों के बजाय पुलिस का पक्ष लेती थीं।
तैयारी: भाषण के लिए पत्नी, बहन की मदद ले रहे बिडेन
बिडेन की चुनाव टीम के सदस्य टेरी मैकऑलिफ ने कहा, ‘बिडेन का भाषण उनकी पूरी जिंदगी पर आधारित होगा। बिडेन को राजनीति में करीब 50 साल हो गए हैं। इसके लिए वे पत्नी जिल, बहन वैलेरी, दोस्तों, मुख्य रणनीतिकार माइक डोनिलन, राष्ट्रपति के मामलों के इतिहासकर जोन मैकम से सलाह ले रहे हैं। हालांकि, बिडेन कहते रहे हैं कि आज तक किसी ने उनके भाषण पर संदेह नहीं किया।’
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From Dainik Bhaskar
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