मंगलवार की सुबह अयोध्या के लिए बेहद खास थी। सुबह हनुमानगढ़ी में विराजमान बजरंगबली की पूजा-अर्चना कर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की भूमि पूजा के लिए अनुमति मांगी गई। अयोध्या में इस पूजन के साथ ही देशभर में दिवाली सा उल्लास देखने को मिला। हनुमानगढ़ी के अस्त्र-शस्त्रों के प्रतीक ‘निशान’ की सालों बाद वैदिक रीति से पूजा की गई।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 500 सालों से प्रतीक्षित श्रीराम मंदिर निर्माण की नींव रखेंगे। मंगलवार को जन्मभूमि पर चारों भाइयों के साथ विराजमान श्रीरामलला की 4 घंटे से अधिक समय तक चलने वाली खास वैष्णव ‘रामार्चा’ का पूजन किया गया। इसमें श्रीरामलला के साथ देवताओं को प्रत्येक मंत्र के साथ तुलसी पत्र समर्पित किया गया।
विराजो... रघुनंदन!

आज पूरा विश्व अयाेध्या में रामकाज के साथ एक नए युग के सौहार्दपूर्ण शुभारंभ का साक्षी बनेगा। 500 साल लंबे इंतजार के बाद भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हाेगा। इससे पहले, मंगलवार सुबह हनुमानजी की अर्चना कर भूमिपूजन की अनुमति मांगी गई। अयोध्या में सरयू घाट पर 3.51 लाख दीयों की भव्य सजावट की गई।
बिहार के 16 जिले बाढ़ प्रभावित

बिहार के 16 जिले बाढ़ प्रभावित हैं। मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड का भठंडी गांव भी चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। लोगों के पास आवागमन का साधन नहीं है। नाव नहीं मिलने पर मंगलवार काे दूल्हा और बाराती पैदल ही बाढ़ का पानी पार कर शादी के लिए निकल पड़े।
सिपाही ने कांवर में बैठाकर गर्भवती को कराया नाला पार

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र में स्थित श्यांग थाना अंतर्गत ग्राम पीतरडांड निवासी एक गर्भवती को मंगलवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने लगी। परिजनों ने इसकी सूचना 112 को दी। जिसके बाद श्यांग थाना क्षेत्र से 112 की टीम ईआरवी में गांव के लिए रवाना हुई, लेकिन रास्ते में बड़ा नाला होने के कारण ईआरवी को पार करना मुश्किल था।
तब 112 टीम में शामिल सिपाही सुखदेव उरांव व चालक गौतम सिंह राठिया पैदल ही गांव तक पहुंचे। जहां डंडे में रस्सी बांधकर कांवर बनाया गया। जिसमें गर्भवती को बिठाया गया। इसके बाद सिपाही सुखदेव व महिला के परिजनों ने कांवर उठाकर गांव से नाला पार कराया। आगे ईआरवी में उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
सीवान में दाहा और सरयू में पानी बढ़ने से बेकाबू हो रहे हालात

बिहार के सीवान जिले के दाहा नदी में उफान से हुसैनगंज प्रखंड क्षेत्र के कई गांवाें में तबाही मची है। फाजिलपुर और बघौनी गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं। दोनों गांवाें में जाने वाली मुख्य सड़क पर बाढ़ पानी भरा हुआ है। इसके चलते दाेनाें गांव टापू में बदल गए हैं। सीवान-आंदर मुख्य पथ पर हुसैनगंज प्रखंड मुख्यालय से उत्तर फाजिलपुर गांव में जाने वाली सड़क पर पानी चढ़ने की वजह से गांव के लोगों का भी घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बहुत जरूरी होने पर लोग सड़क पर लगे पानी को पारकर आते हैं।
15 साल बाद एक दिन में 20 सेमी बारिश

मानसून की भारी बारिश से मुंबई बेहाल हो गई है। वहां सोमवार रात से बारिश शुरू हुई, जो मंगलवार तक जारी रही। भारी बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कें, रेलवे ट्रैक, सबवे पूरी तरह डूबे हैं। मुंबई के 56 रूटों पर बसों को डाइवर्ट किया गया है। बताया गया है 24 घंटे में 20 सेमी से ज्यादा बारिश हुई। 2005 में आई बाढ़ यानी 15 साल बाद पहला मौका है, जब मुंबई और आसपास इतनी बारिश हुई। खतरे को देखते हुए ठाणे, पुणे, रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में गुरुवार तक रेड अलर्ट है।
शहर में एक घंटा बारिश, जाधव सागर पहली बार ओवरफ्लो

शिवपुरी में मंगलवार की दोपहर से लेकर शाम तक रुक-रुककर करीब एक घंटा बारिश हुई। बारिश में पहली बार जाधव सागर की दीवार से पानी बह निकला। इस बार सीजन में पहली बार जाधव सागर ओवरफ्लो हुआ है। पूरे शहर के नालों का पानी इसी जाधव सागर में आकर मिलता है और यहां से चांदपाठा और माधव लेक में पानी पहुंचता है। इसके अलावा शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील में दो घंटे, लुकवासा कस्बा सहित आसपास क्षेत्र में तीन घंटे, बदरवास में आधा घंटे, रन्नौद व इंदौर क्षेत्र में डेढ़-डेढ़ घंटे बारिश की सूचना है।
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