डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन 1962 में राष्ट्रपति बने तो छात्रों ने उनका जन्मदिन मनाना चाहा। इस पर उन्होंने विनम्रता से कहा- ‘मेरा जन्मदिन मनाने की बजाय 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाए तो गर्व की बात होगी।’ तभी से शिक्षक दिवस की परंपरा पड़ी। कुल 27 बार नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट होने वाले डॉ. राधाकृष्णन देश के पहले ऐसे शिक्षक हैं, जो पहले उपराष्ट्रपति और फिर दूसरे राष्ट्रपति बने।
आज उन्हीं के 133वें जन्मदिन पर महान शख्सियतों के विचार जो शिक्षा की अहमियत बताते हैं और नया सीखने की प्रेरणा देते हैं। आप भी पढ़ें और शेयर करें ...










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From Dainik Bhaskar
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