मोबाइल गेमिंग समय व्यतीत करने का एक माध्यम तो है, लेकिन इससे कई परिवार बर्बाद भी हुए हैं। ऐसी ही एक घटना राजस्थान के कोटा में देखने मिली। कोटा में रहने वाला 14 वर्षीय राज (परिवर्तित नाम) पब्जी और दूसरे गेम खेलता रहता था। तनाव में रहने लगा। कोटा की रेलवे कॉलोनी सीआई हंसराज बताते हैं कि राज 5 जून को रात 3 बजे तक गेम खेल रहा था।
उसने रात करीब 3 बजे अपने भाई से बोला था कि उसे नींद नहीं आ रही है और वो कंप्यूटर रूम में काम करने जा रहा हैं। 6 जून सुबह 5.30 बजे बाद जब राज की मां उठी तो उसने देखा कि कंप्यूटर रूम की लाइट जली हुई हैं, इस पर वो कमरे में गई। कमरे की कुंडी अंदर से लगी हुई थी रोशनदान से देखा तो बेटा फांसी पर लटका दिखा।
मोबाइल गेम कैसे कमाई करते हैं

- पेड गेम्स खरीदना पड़ता है या सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है।
- कुछ गेम्स फ्री हैं लेकिन अगले लेवल को खेलने, नए हथियार पाने, कॉस्मेटिक स्किन्स पाने आदि के लिए पैसे चुकाने पड़ते हैं।
- कई गेम फ्री में खेलने के लिए विज्ञापन देखना होता है।
दादा के 2.34 लाख खर्च किए: नई दिल्ली में रहने वाला 15 वर्ष का बच्चा पिछले करीब एक साल से पब्जी खेलता था, लेकिन खास रैंक नहीं पा सका था। ऊपर रैंक पर पहुंचने, अलग प्लेयर लेने, अलग लुक के लिए उसे यूसी (खेलने के लिए मार्डर्न हथियार और जैकेट) की जरूरत थी। इन्हें खरीदने के लिए उसे पैसों की जरूरत पड़ी। एक दिन उसे दादा का डेबिट कार्ड मिल गया। उसने एक दोस्त के पेटीएम से कार्ड को लिंक कर दिया। और जरूरत के अनुसार रुपए ट्रांसफर कर यूसी खरीदता रहा। 8 सितंबर को मोबाइल बच्चे के दादा के पास रखा था, तभी मैसेज आया कि 2500 रुपए खाते से निकल गए और बैलेंस 225 रुपए ही बचा।
पब्जी को इसलिए भाता है भारत
- 15 करोड़ रुपए राजस्व रहा है पब्जी का पिछले माह भारत में। दुनिया में पब्जी ने अब तक 3 अरब डॉलर से ज्यादा कमाई की है।
- 73 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड हुआ है पब्जी। 17.5 करोड़ बार भारत में जो सर्वाधिक है।
(स्रोत: स्टैटिस्टा, मोबाइल मार्केटिंग एसोसिएशन की रिपोर्ट, सेंसर टॉवर व मीडिया रिपोर्ट्स)
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From Dainik Bhaskar
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