कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे कोरोना वॉरियर्स को संक्रमण के साथ-साथ गैर जागरूक लोगों की बदसलूकी सेभी जूझना पड़ रहा है। इसके तीन उदाहरण बुधवार को सामने आए। बिहार में औरंगाबाद के गांव में कोरोना संदिग्ध की सूचना पर पहुंची टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हमले में एसडीपीओ समेत कई लोग घायल हो गए। मोतिहारी में लोगों को जागरूक करने गए अफसरों पर ग्रामीणों ने हमला किया, इसमें बीडीओ घायल हो गए। यूपी केमुरादाबाद में कोरोना संक्रमण से जान गंवानेवालेयुवक के भाई को क्वारैंटाइन करने पहुंची टीम पर लोगों ने पत्थर फेंके औरफायरिंग की। इस मामले में पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों कोउपद्रव से हुए नुकसान की भरपाई भी करनी होगी
डॉक्टर, पैरामेडिकल और पुलिस पर पथराव करने वालों पर एक्शन
यूपी केमुरादाबाद में कोरोना वॉरियर्स पर हमला करने वालों पर डेढ़ दर्जन गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं। इनमें आईपीसी की धारा- 147, 148, 149, 188, 269, 270, 332, 353, 307, 504, 427, 506, 34, 323, 324 शामिल हैं। स्वास्थ्यकर्मियों पर पथराव और पुलिस पर फायरिंगकरने वालों परक्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धारा 7, लोक संपत्ति क्षति अधिनियम की धारा 3, आपदा प्रबंधन अधिनियम, महामारी अधिनियम की धारा 51, महामारी अधिनियम की धारा 3 के तहत भी केस दर्ज किए गए हैं।
औरंगाबाद: स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस पर हमला
कोरोना संदिग्ध की सूचना मिलने पर औरंगाबाद के गोह थाना क्षेत्र के एकौनी गांव पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस पर गांव के लोगों ने बुधवार को हमला कर दिया। गांव के लोगों ने एसडीपीओ राजकुमार तिवारी और उनके साथ मौजूद पुलिस के जवानों को भी पीटा। सूचना मिलने पर पहुंचे डीएम सौरभ जोरवाल और एसपी दीपक बरनवाल ने पुलिस बल के साथ ग्रामीणोंको खदेड़ा। एसडीपीओ के अलावा कई पुलिसकर्मी, आयुष चिकित्सक डॉ. अर्जुन कुमार, एएनएम नीलू कुमारी, केयर मैनेजर अनूप कुमार मिश्रा, ड्राइवर सूरज कुमार भी घायल हो गए।
मोतिहारी: अधिकारियों पर ग्रामीणों ने किया हमला
मोतिहारी जिले में कोरोनावायरस के संक्रमण के साथ ही एईएस का खतरा भी मंडरा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही बच्चों को एईएस की शिकायत सामने आने लगी है। डीएम एस. कपिल अशोक ने अधिकारियों को गांव-गांव जाकर लोगों को कोरोना और एईएस के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर बुधवार को हरसिद्धि प्रखंड के जागापाकड़ गांव के भैयाटोला में एसडीओ और बीडीओ लोगों को समझाने पहुंचे थे। चर्चा के दौरान उग्र ग्रामीणों ने हमला कर दिया, जिससे बीडीओ और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
क्या है एईएस: एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम यानी एईएस। पूर्वी भारत में इन दिनों यह संक्रमण तेजी से फैलता है। इसे चमकी बुखार भी कहा जाता है। इसका ज्यादातर शिकार बच्चे होते हैं। डिहाइड्रेशन, लो ब्लड प्रेशर, सिरदर्द, थकान, लकवा, मिर्गी, भूख में कमी चमकी बुखार के लक्षण हैं। यह बुखार पिछले 20 साल में 5000 से ज्यादा बच्चों की जान ले चुका है।
यूपी: मुरादाबाद में युवक को क्वारैंटाइन कराने पहुंची टीम पर हमला
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में बुधवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पथराव और फायरिंग की घटना सामने आई। दरअसल, नागफनी थाना अंतर्गत हाजी नेक की मस्जिद के पास स्वास्थ्य विभाग की टीम हॉटस्पॉट क्षेत्र नवाबपुरा में कोरोना संक्रमित मृतक के भाई को क्वारैंटाइन करने गई थी। इसके बाद क्षेत्र के कुछ लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पथराव किया। भीड़ ने डॉक्टरोंको बंधक बना लिया तो टेक्नीशियन की पिटाई की। एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ। पुलिस ने मौके से 12 आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद भीड़ और उग्र हो गई। भीड़ ने पुलिस पर फायरिंग की। सीएम योगी ने मुरादाबाद की घटना में आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहाहै किराजकीय संपत्ति के नुकसान की भरपाई भी सख्ती से की जाएगी।
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From Dainik Bhaskar
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