इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (आईओसी) के प्रमुख थॉमस बाख ने कहा है कि अगले साल होने वाले टोक्यो ओलिंपिक को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुकी कोरोनावायरस महामारी कावैक्सीन अभी नहीं बना है। ऐसे में ओलिंपिक को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस पर बाख ने कहा कि टोक्यो गेम्स के लिए अभी 14 महीने बाकी हैं। सही समय आने पर उचित फैसला लिया जाएगा।
कोरोनावायरस के कारण टोक्यो ओलिंपिक को टाल दिया गया है। यह गेम्स इसी साल जुलाई में होने थे, लेकिन अब 2021 में 23 जुलाई से 8 अगस्त के बीच होंगे। जापान सरकार ने गेम्स को लेकर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बाकी अभी भी जारी हैं। शनिवार तक दुनियाभर में 45 लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमित पाए गए। 3.04 लाख लोगों की मौत हो गई।
‘धैर्य और परिस्थितियों पर नजर बनाए रखें’
बाख और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ट्रेड्रोस एडनोम गेब्रेयेसस के बीच एक समझौता हुआ है। इसके मुताबिक, खेलों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जाएगा। बाख से सवाल किया गया कि अभी कोरोना कावैक्सीन नहीं बनाहै और टोक्यो गेम्स में लोग एक-दूसरे के संपर्क में आएंगे। ऐसे में संक्रमण को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
इस पर बाख ने कहा, ‘‘टोक्यो गेम्स से पहले हमारे पास एक साल और दो महीने का समय बाकी है। डब्ल्यूएचओ की सलाह ली जा रही है। आईओसी और डब्ल्यूएचओ की टास्क फोर्स मिलकर काम कर रहीहै।मेरा मानना है कि जुलाई 2021 में दुनिया कैसी होगी, इस बात का सही जवाब कोई नहीं दे पाएगा। हमें धैर्य रखने के साथ ही परिस्थितियों पर नजर रखनी चाहिए।’’
‘वैक्सीन के बगैर ओलिंपिक होना मुश्किल’
हाल ही में ग्लोबल हेल्थ साइंटिस्ट ने कहा था कि कोरोना की वैक्सीन के बगैर टोक्यो ओलिंपिक होना मुश्किल है। आईओसी कोआर्डिनेशन कमीशन के अध्यक्ष जॉन कोट ने स्वीकार किया था कि कोरोनावायरस री-शेड्यूल हुए ओलिंपिक को प्रभावित कर सकता है। वहीं, एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के ग्लोबल हेल्थ के अध्यक्ष और प्रोफेसर देवी श्रीधर ने कहा था, ‘‘ओलिंपिक के समय पर होने के लिए वैक्सीन जरूरी है। बगैर वैक्सीन के गेम्स का होना असंभव है।’’
अगले साल ओलिंपिक नहीं हो पाएंगे: कोरोना एक्सपर्ट
जापान के कोरोना एक्सपर्ट केंतारो इवाता ने पिछले महीने ही निराशा जाहिर करते हुए कहा था कि अगले साल भी गेम्स का होना बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा था, ‘‘यदि मैं ईमानदारी के साथ कहूं, तो मुझे नहीं लगता कि अगले साल ओलिंपिक हो पाएंगे। फिलहाल, गेम्स को कराने के लिए सिर्फ दो ही विकल्प मौजूद हैं। पहला है कि हम जापान में वायरस को कंट्रोल करें, जबकि दूसरा है कि दुनियाभर में फैली महामारी पर लगाम लगाएं। क्योंकि, आप दुनियाभर से एथलीट्स और दर्शकों को आमंत्रित करेंगे।’’
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From Dainik Bhaskar
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