अमेरिका कोरोना से दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। यहां 13 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं। 80 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। यहां कोरोना की वजह से दो महीने में करीब 1.7 करोड़ लोगों के सामने खाने का संकट आ गया है। दो महीने में यह संख्या करीब 46% बढ़ी है। जबकि अमेरिका में कोरोना और अन्य कारणों से भूखे रहने वाले लोग साढ़े पांच करोड़ हो चुके हैं।
ऐसे में फूड सिक्योरिटी और भुखमरी पर काम करने वाला राष्ट्रीय संगठन फीड अमेरिका लोगों तक खाना पहुंचा रहा है। फीड अमेरिका की सीईओ कैटी फिजगेराल्ड ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर लगता है कि हालात हमारे नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। ऐसी स्थिति में कोई भी खाद्य सुरक्षा के संकट में पड़ सकता है। स्थिति भयानक हो सकती है।
अमेरिका में 3.7 करोड़ लोग खाने के संकट से जूझ रहे थे
ऐसे लोगों की तादाद भी बढ़ रही है, जिनके सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। कोरोना से पहले अमेरिका में 3.7 करोड़ लोग इस संकट से जूझ रहे थे। कोरोना, बेरोजगारी की वजह से महज दो महीने में इसमें 1.7 करोड़ लोग और जुड़ गए। यानी अभी करीब साढ़े पांच करोड़ लोग संकट में हैं।
अभी और भी बड़ी चुनौती यह है कि हमारे पास उतना भोजन नहीं है, जितना हमारे फूड बैंक को डिमांड पूरी करने के लिए चाहिए। अब 30% ज्यादा लोगों को मदद चाहिए, इनमें ज्यादातर ऐसे हैं, जिन्होंने जिंदगी में कभी खाने-पीने को लेकर मदद नहीं मांगी।' कैटी के मुताबिक, यह वक्त खाद्य पदार्थों को सहेजने का है।
60 हजार एजेंसियों के जरिए पहुंचा रहे मदद
फीड अमेरिका 60 हजार एजेंसियों के जरिए खाना पहुंचा रहा है। 200 फूड, दो लाख वॉलंटियर्स मदद कर रहे हैं। न्यू रिपोर्टिंग सिस्टम, वेबिनार और टेक्नोलॉजी के जरिए रियल टाइम मदद की जा रही है। इससे जरूरतमंद की लोकेशन शेयर की जाती है। फिर टीम तुरंत पहुंचकर मदद कर देती है।
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From Dainik Bhaskar
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