आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर का मानना है कि हमें पूरी तैयारी के साथ हर साल 7 दिन का लॉकडाउन करना चाहिए, ताकि प्रकृति फिर से आनंदित हो सके। भास्कर की सीरीज हार्ट टू हार्ट की दूसरी कड़ी में फिल्म निर्माताराजकुमार हिरानी ने श्री श्री रविशंकर से बात की। हिरानी ने अहंकार, जीवन का मकसद, पुनर्जन्म से लेकर मोबाइल एडिक्शन जैसे गंभीर मुद्दे उठाए।
बातचीत के प्रमुख अंश...
- हिरानीः मैं कौन हूं... इस धरती पर क्यों आया हूं, मेरा मकसद क्या है, अस्तित्व को लेकर इन रहस्यों को समझाइए?
श्री श्रीः राजू, जिसके पास इस सवाल का जवाब होगा, वो आपको कभी नहीं देगा। जो जवाब देने की कोशिश करेगा, वो जानता है कि उसके पास जवाब नहीं है। यह वह सवाल है, जो आपकी बुद्धि की परिपक्वता को बताता है। इसलिए बार-बार यह सवाल खुद से करते रहें। इससे स्पष्टता आएगी और जीवन का मकसद मिलेगा। आप जो भी काम करते हैं, वो यह नहीं बताता कि आप कौन हैं। यह आप अंतर्मन से ही जान सकते हैं। जब आप इस सवाल का जवाब पा लेते हैं तो बाकी महत्वहीन हो जाता है और आपके चेहरे की मुस्कान खत्म नहीं होती।
- हिरानीः विश्वास और तर्क में से किसे चुनना चाहिए। जो विश्वास करता है, उसके पास संतुष्टि होती है, जो तर्क ढूंढ़ता है वो उसी में फंसा रहता है?
श्री श्रीः याद रखिए लॉजिक हमेशा ज्ञान के दायरे में रहेगा, जितना आप जानते हैं, उतना ही तर्क कर पाएंगे। ज्ञान सीमित है। इसलिए तर्क भी सीमित हो जाता है। तो मैं सरल भाषा में कहता हूं कि कुछ जान के चलो, कुछ मान के चलो, सबको गले लगाते चलो।
- हिरानीः आजकल हम सबको फोन एडिक्शन है। यह ड्रग एडिक्शन जैसा ही है। इससे कैसे आजादी पाई जाए?
श्री श्रीः फोन का इस्तेमाल विवेक अनुसार करें। सोते वक्त ऑफ कर दीजिए। उठने के एक घंटे बाद ऑन करें। महिलाओं से कहूंगा कि खाने की टेबल पर सबसे मोबाइल ले लें।
- हिरानीः लॉकडाउन में आकाश ज्यादा नीला दिख रहा है। लगता है कि लोग हेल्दी होकर निकलेंगे। डर है कि स्थिति न बिगड़ जाए?
श्री श्रीः मैं तो कहूंगा तो हमें हर साल सात दिन के लिए ऐसालॉकडाउन करना चाहिए, लेकिन पूरी तैयारी के साथ। ताकि लोग जरूरत का सामान पहले से जुटा सकें। प्रकृति फिर से खुद को आनंदित कर सके।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
https://ift.tt/2W8iW3U
From Dainik Bhaskar
0 Comments
Please do not enter any Spam Link in the comment box.