कोरोनावायरस की वजह से दुनिया में सबसे बुरी तरह प्रभावित अमेरिका में पिछले तीन-चार महीनों से नौकरियों में लगातार गिरावट दर्ज की गई। लेबर ब्यूरो के मुताबिक अप्रैल में दो करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हुए थे। बेरोजगारी दर भी 14.7% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। यह द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सबसे ज्यादा रही।
अर्थशास्त्रियों ने हालात और खराब होने की बात कहते हुए मई में बेरोजगारी दर 20% होने का अनुमान लगाया था, लेकिन मई में सारे समीकरण पलट गए। लेबर ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मई में नौकरियों में अप्रत्याशित रूप से उछाल रहा है। एक महीने में 30 लाख से ज्यादा लोगों को नौकरियां मिली हैं।
मई में यह 40 लाख से बढ़कर 79 लाख हो गई
बेरोजगारी दर भी गिरकर 13.3% पर आ गई है। हालांकि, स्वरोजगार वालों की संख्या बढ़ी है। मई में यह 40 लाख से बढ़कर 79 लाख हो गई है, यानी करीब दोगुनी। हालांकि, अब भी 1.53 करोड़ से ज्यादा लोगों को नौकरी पर लौटने का इंतजार है। अगर मई जैसी रफ्तार आगे भी जारी रही, तब भी इन सभी लोगों को नौकरी मिलने या काम पर लौटने में कम से कम 6 महीने लगेंगे।

मिलेनियल्स इतिहास के सबसे मुश्किल दौर में
नौकरियों में भारी उछाल के बीच मिलेनियल्स यानी 1980 से 1996 के बीच जन्मे युवा इतिहास के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। फेडरल रिजर्व बैंक के मुताबिक, उनकी आय करीब 41% घटी है। वे माता-पिता की तुलना में ज्यादा गरीब हो गए हैं। इसकी वजह उनकी आय, बचत और निवेश कम होना है। वे भारी एजुकेशन लोन, बेरोजगारी और अनिश्चित भविष्य से भी जूझ रहे हैं।
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From Dainik Bhaskar
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